
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे।
पियेंगे यहाँ बैठ कर प्याले शराब के,
और भून-भून खायेंगे टुकड़े कबाब के।
सब को चुल्लू में उल्लू बनायेंगे,
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे,
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे।
हँसी की फुलझड़ियाँ महफ़िल में छोड़ेंगे,
दोस्तों के संग बैठ के किस्से जोड़ेंगे।
जो रूठे हैं उनको भी पास बुलायेंगे,
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे।
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे,
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे।
सब को चुल्लू में उल्लू बनायेंगे,
हम तो आनन्द अपना मनायेंगे।