
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
जन का हक़
जन की ज़बान
लिख गए भारत का संविधान
झुकता नहीं ये नाम
उठता हर इक अरमान
नीली सोच की राह पे
बदल गया हिंदुस्तान
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
हर घर में ये बात
हर मन में सम्मान
समानता की धुन पे
चल पड़ा जहान
कागज़ नहीं ये
सपनों की पहचान
लिख गए भारत का संविधान
टूटा नहीं ये गीत
झुका नहीं ये मान
जिसने पढ़ा वो जान गया
कितना बड़ा है काम
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
हक़ की लौ जलती रहे
राहें सबको मिलती रहें
जिनके नाम से जागे हम
उनकी बात निभती रहे
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान
बाबा शेर हैं
भीम महान
लिख गए भारत का संविधान