
एक गरीब भक्त था
आँखों में था पानी
श्याम के नाम से चलती
उसकी ज़िंदगानी
घर में दुखों का साया
दिल में दर्द अपार
बोला, “बाबा श्याम
अब तुम ही मेरे आधार”
घर में चूल्हा बुझा था
बच्चों की आँखें नम
माँ की दवाई बाकी
जेब में पैसे कम
सबसे मदद माँगी
पर मिला बस इनकार
रातों को बस रोया
लेकर टूटा सा संसार
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा
तेरे दर पे आकर
मिला दिल को किनारा
दुनिया ने ठुकराया
तूने गले लगाया
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा
सूखे थे उसके सपने
सूखा था घर का आँगन
फिर भी तेरे नाम पे
डोला उसका सावन
टूटी हुई उम्मीदों को
तेरा नाम मिला
अंधियारे में भी मन को
तेरा धाम मिला
काँपते हाथों से उसने
चढ़ाई छोटी सी माला
तेरी कृपा ने पलट दी
भाग्य की सारी हाला
राख से फिर उठकर
जला आस्था का दीया
जिस दिन तूने सुना
उस दिन सब कुछ जीया
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा
तेरे दर पे आकर
मिला दिल को किनारा
दुनिया ने ठुकराया
तूने गले लगाया
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा
जब भी दिल टूटे
मैं तेरे द्वार आऊँ
तेरे भरोसे बाबा
अपना दर्द सुनाऊँ
जो कुछ भी खो बैठा
वो भी फिर पा जाऊँ
श्याम तेरी छाया में
मैं चैन से रह जाऊँ
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा
तेरे दर पे आकर
मिला दिल को किनारा
दुनिया ने ठुकराया
तूने गले लगाया
हारे का सहारा
श्याम बाबा हमारा