
अलीशान एक बच्चा है,
शक्ल से भोला-भाला, अक्ल से कच्चा है!
पर शैतानी का पक्का है,
मम्मी की नाक में दम कर रखा है!
अलीशान अलीशान!
पापा का दुलारा, पर घर का शैतान!
सवेरे उठते ही ये चप्पल ढूँढता,
बिल्ली की पूँछ पकड़े, पंखे को घूरता!
दूध का गिलास देख मुँह ऐसा बनाए,
जैसे करेले का काढ़ा पिया जाए!
किताब खोलते ही नींद इसे आए,
पर टीवी चलते ही नाच के दिखाए!
दूध की मलाई ये चुपके से गटक जाए,
बिल्ली देखे तो वो भी दूर भाग जाए!
अलीशान एक बच्चा है,
शक्ल से भोला-भाला, अक्ल से कच्चा है!
पर शैतानी का पक्का है,
मम्मी की नाक में दम कर रखा है!
अलीशान अलीशान!
पापा का दुलारा, पर घर का शैतान!