
धर्म-कर्म का बीज ख़तम
मर्यादा तोड़ के धरती अरे
प्यारे देश हमारे की कतरी रे माटी
खाती जात-पात में बंट के हर इंसान
आलिया ख़तरे में
क्या हिंदू हैं
हिंदू को हिंदुस्तान
आलिया ख़तरे में
धरती खतरे में रे
धरती खतरे में
सबका घर खतरे में
धरती खतरे में रे
मुगलों बरगे काक्ति मानस
घने अग्नि से गुरु बने
जगह-जगह पे देर खुल गए
बैठे से कांई गुरु बने
सब अपनी जंजीर बांध दें
अपनी-अपनी शिक्षा दे
अरे राम नाम का ओ लेके
बंद कमरे में दीक्षा दें
धरती खतरे में रे
धरती खतरे में
सबका घर खतरे में
धरती खतरे में रे
दयानंद से परुष की बीमारी
सीख बता दे रे
चोर कह जो कृष्ण लेवे
किसने ठीक बता दे रे
धरती खतरे में रे
धरती खतरे में
सबका घर खतरे में
धरती खतरे में रे