
भोर की धूप में,
तेरा नाम जगा
राख लगी दुनिया में,
एक दीप सा खिला
साँसों के हर मोड़ पे,
तेरी ही छाप
टूटे हुए मन को,
तू ही दे जवाब
धीरे से आ
मेरे करीब
खाली इन हाथों में
भर दे नसीब
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
मेरे मन का सहारा
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
भटके हुए दिल को
ॐ नमः शिवाय
काँसे की थाली में,
लौ टिमटिमाए
गंगाजल सा निर्मल,
दर्द बह जाए
जो भी था भारी,
अब हल्का लगे
तेरे जप की छाया में,
राह खुले
धीरे से आ
मेरे करीब
खाली इन हाथों में
भर दे नसीब
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
मेरे मन का सहारा
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
भटके हुए दिल को
ॐ नमः शिवाय
जब रात घनेरी हो
तू साथ रहे
जब राह न दिखे
तू प्रकाश बने
मैं टूट भी जाऊँ
तब भी पुकारूँ
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
मेरे मन का सहारा
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
भटके हुए दिल को
ॐ नमः शिवाय