
अरे भोर भइल, सूरज मुसुकाइल, गांव में बाजे नगाड़ा हो
गेरुआ रंग में रंगाइल गलिया, चले शिव के दुआरा हो
हाथ में जलवा, माथे पे चंदन, मन में बाबा के नाम
बोलs सगरी मिलके भाई— हर हर महादेव के जयकारा हो!
ना भोला के नाम रे
ना भोला के नाम
गूंजे धरती, गूंजे अंबर
हर हर महादेव के नाम
भोले बाबा डमरू बजावें
नाचे सारा जहान
बेलपत्र लेके अइनीं बाबा
राखीं हमरा के मान
जटा में गंगा धार बहेला, माथे चंदा प्यारा
गले में नाग लिपटले बाबा, करुणा के उजियारा
त्रिशूल उठाके डोलत बाड़ें, हर दुख हर लेत
मनवा जपेला नाम तिहारे, बन जाला सब भोर
बोलs सगरी मिलके भाई— हर हर महादेव के जयकारा हो!