
भस्म लगी तेरे माथे पर
शीतल चंदन, नील गला
डमरू की तान जगा दे मन
सावन जैसा तेरा कला
तेरे नाम की मीठी धुन में
दुख का बोझ उतर जाए
शिव शंकर, मेरी पुकार सुन
रख लेना मेरे प्राणों को
तेरे द्वार पे झुकती दुनिया
दे दो अपना आशीष मुझे
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
रखना सदा मेरे सिर पर हाथ
हर हर महादेव, हर हर बोल
तेरे चरणों में मेरा मन डोल
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
तेरे चरणों में मन रम जाए
गंगा जटाओं से बहती रहे
हिमगिरि-सा तेरा तेज रहे
काल भी तेरा कुछ न बिगाड़े
तेरी दया से सब साज रहे
कंधे पे नाग, त्रिशूल उठाए
सत्य का दीप जलाए जाए
एक लोटा जल, एक फूल अर्पण
बस तेरे आगे सिर झुका
थोड़ी सी शक्ति, थोड़ी करुणा
मुझको भी अपना रूप दिखा
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
रखना सदा मेरे सिर पर हाथ
हर हर महादेव, हर हर बोल
तेरे चरणों में मेरा मन डोल
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
तेरे चरणों में मन रम जाए