
मौसम है गरम, और बंजर है ज़मीन
आजा मेरे सैयां, तू बजा दे अपनी बीन
तेरे पास औज़ार है, मेरे पास है जगह
आज रात मत खोजना, रुकने की कोई वजह
कुंडी तू लगा ले, और बुझा दे सब लाइट
आज मुझे करनी है, लंबी वाली फाइट
हल तेरा भारी है, मिट्टी मेरी नरम
गहराई तक जोतना, आज मत कर तू शरम
सूखी इस ज़मीन को, पानी की है प्यास
पूरी ताकत लगा दे, आके मेरे पास
होने दे कीचड़, और बहने दे पसीना
मज़ा ये जुताई का, भूलूँ ना मैं महीना
इंजन तेरा तगड़ा है, पाइप है कमाल
मोटर चला के आज, कर दे पूरा धमाल
धीरे से संभाल के, सींच मेरी क्यारी
रात भर चलेगी ये, मेहनत वाली भारी
जितना तू चलाएगा, उतना मैं खिलूँगी
बंजर की इस मिट्टी से, गुल बन के निकलूँगी
मौसम है गरम, और बंजर है ज़मीन
आजा मेरे सैयां, तू बजा दे अपनी बीन
तेरे पास औज़ार है, मेरे पास है जगह
आज रात मत खोजना, रुकने की कोई वजह
कुंडी तू लगा ले, और बुझा दे सब लाइट
आज मुझे करनी है, लंबी वाली फाइट