
सुबह की चौखट पर
किरनें मुस्काई हैं
मिट्टी की हथेली में
नई कहानी आई है
गली की धूल में भी
सपने चमकते हैं
कदम जो साथ चलें
तो रास्ते बहकते हैं
ओ साथी, सुन ज़रा
ये दिल पुकारे
एक साथ चल पड़े
तो पर्वत भी हारे
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
दिल से दिल तक दौड़े
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
हाथ उठे, सुर बोले
रोशनी हिंदुस्तान की
हाट की खुशबू में
रंगों का मेला है
चूल्हे की आँच में
उम्मीदों का खेला है
बैलों की चाल में
धड़कनें गाती हैं
नदियाँ भी देखो तो
गुनगुनाती जाती हैं
ओ साथी, सुन ज़रा
ये मन पुकारे
हम साथ रहें अगर
तो सारे तारे
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
दिल से दिल तक दौड़े
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
हाथ उठे, सुर बोले
रोशनी हिंदुस्तान की
कभी गिर के उठे
कभी थाम के बढ़े
इसी ज़मीन के गीत
हम सबने ही गढ़े
एक नाम, एक सांस
एक नया अरमान
चलो आज लिख दें हम
अपना आसमान
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
दिल से दिल तक दौड़े
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
रोशनी हिंदुस्तान की
हाथ उठे, सुर बोले
रोशनी हिंदुस्तान की