
मेहंदी रचा ले सजन के नाम की,
रात है आज दिल के अरमान की,
चूड़ी खनके, पायलिया बोले,
खुशियाँ बरसे आज आसमान की।
ओ सजना, ओ सजना,
आज है रात मिलन की,
मेहंदी रचा ले सजन के नाम की,
रात है आज दिल के अरमान की।
हाथों में मेहंदी, आँखों में सपना,
दिल ने बना लिया तुझको अपना,
सखियाँ मिलकर गीत सुनाएँ,
ढोलक की थाप पे सब मुस्काएँ।
तेरी हँसी से महके आँगन,
तेरे आने से सजे मेरा मन,
आज तो बस इतना कहना,
साथ रहे तू हर जन्म अपना।
लाल चुनरिया जब लहराए,
चाँद भी देखे और शरमाए,
धड़कन की ये मीठी सरगम,
तेरे बिना अब जिएँगे ना हम।
ओ सजना, ओ सजना,
आज है रात मिलन की,
मेहंदी रचा ले सजन के नाम की,
रात है आज दिल के अरमान की।
पायल की झंकार, खुशियों का संसार,
सजन के नाम की मेहंदी...
सजन के नाम की...