
तोर नजरिया बिजली गिरावे, दिलवा हमर रोजे जलावे।
गाँव के गली में नाम तोर छाए, देखे वाला सब बस मुस्काए।
तोर चाल में जादू, तोर बात में आग,
देखते ही हो जाए दिल बेकरार।
तबाही मचा देलइ रे
दिलवा चुरा लेलइ रे
तोर एक मुस्कान से
सारा जहाँ हिला देलइ रे
तबाही... तबाही...
दिलवा हमर ले गेलइ रे
चाँद से उजियार चेहरा तोर, सबसे अलग अंदाज तोर।
जहाँ तू जाए, मेला लग जाए, सबके दिल में आग लग जाए।
डीजे बजे, सब नाचे संग, तोर नाम पर झूमे हर रंग।
आज के रात बस तोरे खातिर, दिलवा बोले बारंबार।
तबाही मचा देलइ रे
दिलवा चुरा लेलइ रे
तोर एक मुस्कान से
सारा जहाँ हिला देलइ रे
तबाही... तबाही...
दिलवा हमर ले गेलइ रे
आँखि में तोहरे बसल सपना,
दिल के भीतरी तोहरे सपना।
कइसे बची ई बेचैनी,
तू ही बता, तू ही बता।
तबाही मचा देलइ रे
दिलवा चुरा लेलइ रे
तोर एक मुस्कान से
सारा जहाँ हिला देलइ रे
तबाही... तबाही...
दिलवा हमर ले गेलइ रे